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योजनाएं

क्रमांक योजना का नाम योजना की जानकारी
1 विकेन्द्रीकृत खाद्यान्न उपार्जन योजना :-

राज्य में विकेन्द्रीकृत खाद्यान्न उपार्जन योजना अपै्रल 2002 से लागू है। इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश में किसानों से धान उपार्जन हेतु राज्य शासन की अधिकृत एजेंसी छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ तथा चावल उपार्जन हेतु अधिकृत एजेंसी छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन है। वर्तमान खरीफ वर्ष 2016-17 में प्रदेश के 13.27 लाख किसानों से 69.58 लाख टन धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर 1,287 सहकारी समितियों के माध्यम से की गई है।

2 मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना :-

इस योजना के जरिए 7.66 लाख राज्य अन्त्योदय परिवारों को 1 रूपये प्रतिकिलो की दर पर प्रतिमाह 35 किलो चावल, 60,277 निराश्रित राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह 10 किलो निःशुल्क चावल तथा 8,194 निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को 1 रूपये प्रतिकिलो की दर पर प्रतिमाह 10 किलो चावल प्रदाय किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत प्रचलित 42.61 लाख प्राथमिकता वाले राशनकार्ड पर प्रतिसदस्य 2 किलो अतिरिक्त चावल के अलावा भारत सरकार द्वारा चावल की निर्धारित प्रदाय दर (3 रूपये प्रतिकिलो) तथा राशनकार्डधारियों हेतु निर्धारित उपभोक्ता दर (1 रूपये प्रतिकिलो) के अंतर की राशि का भुगतान भी इस योजना के जरिए किया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2017-18 में इस योजना के क्रियान्वयन हेतु 3,000 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है।

3 अन्त्योदय अन्न योजना :-

अति गरीब परिवारों के लिये यह योजना राज्य में मार्च, 2001 से लागू की गई है । इस योजना के अंतर्गत अति गरीब परिवारों को रूपए 1.00 प्रति किलो की दर से 35 किलो चावल प्रति परिवार, प्रतिमाह प्रदाय किया जा रहा है। वर्तमान में योजनांतर्गत 14.85 लाख राशनकार्ड प्रचलित है, जिसमें भारत सरकार द्वारा स्वीकृत अन्त्योदय परिवारों की संख्या 7.19 लाख तथा राज्य अन्त्योदय परिवारों की संख्या 7.66 लाख है।

4 अन्नपूर्णा योजना :-

वृद्ध एवं निराश्रितों को 10 किलो निःशुल्क चावल प्रदाय की भारत सरकार की यह योजना राज्य में अक्टूबर, 2001 से लागू की गई है । छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम के तहत अन्नपूर्णा योजना के राशनकार्डधारियों को स्पेशल अन्त्योदय राशनकार्ड जारी किया गया है । स्पेशल अन्त्योदय राशनकार्ड में हितग्राहियों को प्रतिमाह 10 किलो चावल निःशुल्क तथा 25 किलो चावल 1 रूपए प्रति किलो की दर से प्राप्त करने की पात्रता है । प्रदेश में इस योजना से लाभान्वित होने वाले हितग्राही कार्डधारियों की संख्या 7,916 है ।

5 कल्याणकारी संस्थाओं को खाद्यान्न प्रदाय :-

इस योजना के अंतर्गत राज्य के कल्याणकारी संस्थाओं मे निवासरत हितग्राहियों को बी.पी.एल दर पर 15 किलो खाद्यान्न प्रतिमाह की पात्रता है । भारत सरकार की पूर्वानुमति से इस योजना के अंतर्गत प्राप्त आबंटन से अन्नपूर्णा दालभात केन्द्रों को राज्य शासन द्वारा रियायती दर 02 रुपए प्रतिकिलो पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है ।

6 प्रधानमंत्री उज्जवला योजना :-

महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान की यह योजना 13 अगस्त 2016 से राज्य में लागू की गई है। राज्य शासन की आर्थिक सहायता के जरिए योजना के हितग्राहियों को मात्र 200 रूपये के अंशदान पर निःशुल्क गैस कनेक्शन, डबल बर्नर गैस चूल्हा और प्रथम रिफिल प्रदाय किया जा रहा है। राज्य मंे इस योजना के अंतर्गत 2 वर्षों में 25 लाख पात्र परिवारों को गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में लक्ष्य अनुसार 10 लाख गैस कनेक्शन बीपीएल महिलाओं को जारी किया गया है तथा वित्तीय वर्ष 2017-18 में 15 लाख बीपीएल महिलाओं को गैस कनेक्शन जारी किए जाने का लक्ष्य है।

7 रिफाईन्ड आयोडाईज्ड अमृत नमक वितरण योजना :-

इस योजना में राज्य के अन्त्योदय एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को अनुसूचित क्षेत्र में निःशुल्क प्रतिमाह 02 किलो एवं गैर अनुसूचित क्षेत्र में निःशुल्क प्रतिमाह 1 किलो रिफाईन्ड आयोडाईज्ड नमक प्रदाय किया जा रहा है। इस योजना हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष 2017-18 में राशि रूपये 75.81 करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया है ।

8 चना वितरण योजना :-

जनवरी 2013 से राज्य के सभी अनुसूचित विकासखण्डों के समस्त अन्त्योदय एवं प्राथमिकता परिवारों के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह 2 किलो चना 5 रूपए प्रति किलो के मान से प्रदाय किया जा रहा है । इस योजना हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष 2017-18 में राशि रूपये 400 करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया है ।

9 अन्नपूर्णा दाल-भात योजना :-

गरीब एवं जरूरतमन्द व्यक्तियों को अत्यन्त कम मूल्य अर्थात पांच रूपये की दर से भरपेट भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अन्नपूर्णा दाल भात योजना वर्ष 2004 से राज्य में संचालित है। वर्तमान में राज्य में 158 अन्नपूर्णा दालभात केन्द्र संचालित हैं । राज्य शासन द्वारा दालभात केन्द्रों को प्रोत्साहन स्वरूप निःशुल्क गैस चूल्हे एवं प्रेशर कुकर उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है । इसके अतिरिक्त दालभात केन्द्रों को 2 रुपए प्रतिकिलो की दर से चावल, 5 रुपए प्रतिकिलो की दर से चना तथा निःशुल्क अमृत नमक प्रदाय किया जा रहा है। दालभात योजना से प्रतिदिन 15 से 20 हजार जरूरतमंद हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं ।

10 पहुंचविहीन क्षेत्रों में राशन सामग्री का अग्रिम भंडारण :-

प्रदेश के ऐसे स्थानों, जहां वर्षा ऋतु के दौरान आवागमन मार्ग अवरूद्ध हो जाते हैं वहां खाद्यान्न, शक्कर, अमृत नमक तथा केरोसिन उपभोक्ताओं को सुलभ उपलब्ध कराने की दृष्टि से वर्षा ऋतु के पूर्व अग्रिम भण्डारण किया जाता हैं। शासन द्वारा उचित मूल्य दुकान संचालनकर्ता एजेंसी को ऐसे क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुएं चार माह के लिए संग्रहित करने हेतु बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
वर्ष 2016-17 में 234 पहुंचविहीन केन्द्रों में राशन सामग्री के अग्रिम भण्डारण हेतु नागरिक आपूर्ति निगम को 250 लाख की राशि उपलब्ध करायी गयी।

11 उचित मूल्य दुकान कम्प्यूटरीकरण :-

भारत शासन के लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के पूर्ण कम्प्यूटरीकरण योजना के अंतर्गत राज्य में पीडीएस के समस्त क्रियाकलापों का पूर्ण कम्प्यूटरीकरण किया जाना है। राज्य में पीडीएस के अंतिम चरण उचित मूल्य दुकानों का कम्प्यूटरीकरण मार्च, 2012 से कोरपीडीएस के माध्यम से प्रारंभ किया गया। कोरपीडीएस के साथ-साथ अगस्त, 2015 से राज्य में उचित मूल्य दुकानों का कम्प्यूटरीकरण एंड्रायड आधारित टेबलेट के माध्यम से किया जा रहा है। वर्तमान में 12,068 उचित मूल्य दुकान एंड्रायड आधारित टेबलेट के माध्यम से कम्प्यूटरीकृत है।